फटी एड़ियों के लिए घरेलु उपाय Crack Heel Repair Tips in Hindi – Home Remedy

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Buty, Health Tips

आइये आज जानते है, ड्राई फटी एड़ियों का कारण (What Causes Dry Cracked Feet And Heels)
जब आपके पैरों के तलुओं और एड़ी की सेंसिटिव स्किन ड्राई हो जाती हैं तो यह फटकर खुल जाती है और एड़ियों तथा पैरों में छोड़ जाती है दर्द भरी दरारे और क्रैक | इन क्रैक के कारण, चलने के दौरान, आपके पैरों में काफी दर्द भी होता हैं, जोकि कभी-कभी Infections भी छोड़ जाते हैं, जिनका इलाज कभी-कभी काफी मुस्किल हो जाता हैं |

फटी एड़ियाँ – कैसे होती हैं

फटी एड़ियों का ज्यादातर कारण उनमें moisture की कमी होना है | ये अकसर पीड़ादायक भी हो जाती हैं और कभी- कभी इनमें से खून भी निकलने लगता है | पैरों में सूखापन (Dryness) वैसे तो कई कारणों से हो सकती है लेकिन इनमे से कुछ मुख्य कारण नीचे दिये है –
✔ ठण्डी का मौसम (ठण्डी के मौसम में ऐसा अकसर पाया जाता है)
✔ शरीर में पाने की कमी या सही मात्रा में पानी का न पीना
✔ पैरों में moisturizer की कमी
✔ अधिक गर्म पानी से नहाना या गर्म पानी से शावर लेना
✔ पैरों का अधिक गर्म पानी में देर तक रखना या ऐसा जल्दी – जल्दी करना
✔ पैरों में ऐसी Soap का इस्तेमाल करना जो काफी Harsh हैं
✔ सूखे पैरों की Scrubbing करना
✔ Diabetes का होना
जब पैर अधिक ड्राई हो जाते हैं तब Heels में दरारे जल्दी हो जाती हैं | जैसे ही स्किन में क्रैक हो जाते हैं इनमे Bleeding शुरू हो जाती है | इनकी गहरी दरारे खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस को Invite करती हैं जिनसे इन्फेक्शन हो जाता हैं और आप बीमार भी पड़ जाते हैं |

फटी एडियाँ – क्या है इसके रिस्क

Cracked Heels से होने वाला सबसे बड़ा रिस्क हैं Diabetes और मोटापा | जिनको डायबिटीज है उनकी एडियाँ फटने (cracked heels) की सम्भावना अधिक होती है, क्योकि इनका ब्लड सूगर कन्ट्रोल में नहीं रहता है इसलिए इनके पैरों की Nerves डैमेज हो सकती है और स्किन भी ड्राई हो सकती है |
Diabetics को क्रैक हील से इन्फेक्शन का खतरा Non-Diabetics से अधिक होता है | यदि आप भी Diabetic है तो आपको पैरों का अधिक ध्यान रखना होगा, और हील में क्रैक होने पर इसका तुरन्त इलाज कराएँ अन्यथा इन्फेक्शन हो सकता है जिसे ठीक होने में सामान्य लोगों से अधिक समय लग सकता हैं |
डायबिटीज के अलावा मोटापा होने से भी cracked heels के होने की सम्भावना बढ़ जाती है, क्योकि मोटापा की वजह से आपकी हील्स पर अधिक Weight पड़ता है और नेचुरल हील पैड expand हो जाते हैं | यदि स्किन ड्राई हो तो अधिक प्रेशर को बरदास्त नहीं कर पाती और Cracks हो जाते हैं |
ठण्डी के मौसम में तो किसी को भी Dry Cracked Heels हो सकती हैं | इस मौसम में ज्यादातर लोग गर्म पानी से नहाते और शावर लेते हैं | ज्यादा गर्म पानी से बार –  बार नहाने से Dry Cracked Heels के Chances और बढ़ जाते हैं | इसके अलावा वे लोग फटी एड़ियों से और अधिक पीड़ित होते हैं जो अपनी पैरों और एड़ियों में किसी अच्छे लोशन या moisturizer से regularly moisturize नहीं करते हैं | कम  पानी पीने और Poor Nutrition से भी Cracked Heels होने की सम्भावना अधिक हो जाती हैं |

Cracked Heels को कैसे Diagnose करें

यदि आपकी हील्स Cracked है और इनमे दर्द भी है लेकिन Foot Lotion लगाने से कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आपको सावधान हो जाना चाहिये | ऐसी स्थिति में किसी Podiatrist से आप जल्द सम्पर्क करें जोकि आपको एक्सपर्ट सलाह से साथ आपका सही ईलाज भी कर पायेगें |
यदि आप Cracked Heels के दर्द से छुटकारा चाहते हैं तो आप अधिक से अधिक पानी पीने (दिन में 8-10  गिलास) की आदत डाले और नहाने के लिए अधिक गर्म पानी का प्रयोग न करें | समस्या होने पर कोई अच्छा लोशन Regularly लगायें और साथ ही थोड़ा अपने पैरों की Pampering करे, इससे आपको फायदा होगा |

एड़ियों (Heel) का फटना एक आम परेशानी है | कॉस्मेटिक (Cosmetic) के इस्तेमाल से एड़ियों का फटना एक दर्दनाक बीमारी बन गयी है | इन परेशानियों  का लक्षण है जैसे लाली (Redness), खुजली (Itching), सूजन (Inflammation), स्किन का फटना (Peeling Skin) और साथ में त्वचा का रूखा व पतला हो जाना है | इसके पहले कि दरारें (Cracks ) गहरी हो जाए और उसमे से खून (Bleeding ) आने लगे या दर्द हो, हम सही उपचार से बच सकते हैं |

एडियाँ फटने के प्रमुख कारण What Causes Feet To Dry And Crack?

✔ हवा में रूखापन (Dry Air)
✔ मोइस्चर की कमी (Lack Of Moisture)
✔ सही तरीके से पैर की देखभाल न होना (Improper Foot Care)
✔ हेल्थी खाना न खाने से (An Unhealthy Diet)
✔ ठोस ज़मीन पर देर तक खड़े रहने से (Standing On Hard Floor For Long)
✔ गलत तरीके के जूते पहेनने से (Wearing The Wrong Types Of Shoes)
✔ खुजली की वजह से (Eczema)
✔ डायबिटीज की बीमारी से (Diabetes Disease)
✔ थाईराइड की बीमारी से (Thyroid Disease)

फटी एड़ियों की परेशानियों से बचने के लिए कुछ घरेलु उपाय Homemade Remedy For Cracked Heels In Hindi

A. वेजीटेबल तेल (Vegetable Oil) लगाने से

किसी भी तरह का वेजीटेबल तेल लगाकर आप अपनी फटी एड़ियों का इलाज कर सकते है | ज़ैतून का तेल (olive oil ), तिल का तेल (sesame oil), नारियल का तेल (coconut oil) और कोई भी हाइड्रोजिनेटेड़ वेजीटेबल तेल (hydrogenated vegetable oil ) कारगर होता है | सोने से पहले फटी एड़ियों पर तेल लगाए जो कि रिसकर स्किन में जाता है | ऐसा करने से आपको अच्छे रिजल्ट्स मिलेगें |

वेजीटेबल तेल लगाने का तरीका

1. पहले अपने पैरों को साबुन (soap ) के पानी में डाल कर झावें (pumice stone ) से रगड़ें|
2. पैरों को धो लें और पूरी तरह से सुखा लें |
3. वेजीटेबल तेल अपने एड़ी और तलवे पर लगाए |
4. एक जोड़ी मोज़ा ( pair of socks ) अपने पैरों में पहन कर सो जाए और सुबह आपकी एड़िया मुलायम ( soft ) लगेगी |
5. कुछ दिनों तक ऐसा करें जब तक आप की एड़ियों की दरारें भर न जाए |

B. चावल का आटा (rice floor ) का पेस्ट लगाने से

एक्सफ़ोलिअटिंग  (exfoliating) स्किन आपके पैर और एड़ी की डेड (dead) स्किन को ख़त्म कर देता है, जो एड़ी को फटने और रूखे होने से बचाती है | एक्सफ़ोलिअटिंग (exfoliating) स्क्रब (scrub) बनाने के लिए हम चावल के आटे का इस्तेमाल कर सकते है |
1. स्क्रब बनाने के लिये , एक मुट्ठी आटा ,थोड़ी सी शहद, एप्पल साइडर विनेगर (apple cider vinegar) मिला लें | तब तक मिलाए जब तक पतला पेस्ट बन न जाए | अगर एड़ियाँ ज्यादा फटी हो तो एक चम्मच जैतून का तेल ( olive oil ) या बादाम का तेल (almond oil ) मिला लें |
2. 10 मिनट तक गर्म पानी में पैर को डुबो दें और फिर चावल के बने पेस्ट से स्क्रब करें |
3. कुछ हफ्ते तक ऐसा करें जब तक की आप को अच्छे रिजल्ट्स मिल नहीं जाते |

C. इंडियन नीम (Indian lilac ) लगाने से

फटी एड़ी, खुजली (itchy ) और इन्फेक्शन (infection ) के लिए नीम एक अच्छी दवाई है | नीम के फंगीसिडल fungicidal ) गुण रूखेपन, खुजली वाली स्किन और इन्फेक्शन से लड़ने में मद्दत करता है |
1. एक मुट्ठी नीम की पत्ती पीस कर पेस्ट बना लें और तीन चम्मच हल्दी का पाउडर ( turmeric powder) ले कर अच्छी तरह मिला लें |
2. फटी एड़ी पर पेस्ट को लगाए और आधे घंटे तक छोड़ दें |
3. गर्म पानी से पैरों को धो लें और साफ़ कपड़े से पोछ लें |

D. नीबू का करे इस्तेमाल Use Lemon For Cracked Heals 

जब स्किन रुखी हो जाती है तो फटने लगती है और नीबू में एसिडिक (acidic ) गुण पाए जाते है जो इसमें फायदेमंद होते हैं |
1. गर्म पानी में नीबू का रस ( lemon juice ) डाल कर 10 से 15 मिनट तक पैर को डुबो कर रखें | ध्यान दें कि पानी ज्यादा गर्म न हो वरना पैरों को ज्यादा रुखा कर देंगें |
2. फटी एड़ियों को झवे ( pumice stone ) से अच्छी तरह रगड़े |
3. पैरों को धो लें और तौलिये से पोंछ लें |

E. गुलाबजल ( rosewater ) और ग्लिसरीन ( glycerin )

फटी एड़ियों के लिए गुलाबजल और ग्लिसरीन का मिश्रण (mixture) काफी फायदे करता है | ज़्यादातर कॉस्मेटिक (cosmetic ) में ग्लिसरीन इसलिए इस्तेमाल होता है कि ग्लिसरीन स्किन को मुलायम बनाता है | गुलाबजल से विटामिन्स ( vitamins ) A, B3 , C, D, और E मिलती है साथ में एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant ), एंटी–इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory ) और एंटीसेप्टिक (antiseptic ) गुण भी मिलते हैं |
गुलाबजल और ग्लिसरीन बराबर मात्रा में ले कर मिला लें और रोज़ रात को सोने से पहले अपने पैर और एड़ी में लगा लें |

F. पैराफिन वैक्स ( paraffin wax ) से करे फटी एड़ियों का इलाज

पैर की एड़ियाँ  ज्यादा फट गयी हो और ज्यादा दर्द करती हो तो पैराफिन वैक्स ( paraffin wax ) आपको तुरंत आराम देता है | पैराफिन वैक्स एक नेचुरल एमोल्लिएन्त की तरह कम करता है जो स्किन को मुलायम बनाता है |
1. डबल बायलर (double boiler ) में पैराफिन वैक्स का एक ब्लाक (block ) पिघला (melt ) लें और दो चम्मच सरसों का तेल (mustard oil ) या नारियल का तेल (coconut oil ) मिला लें |
2. इससे तब तक ठंडा होने दें जब तक की इसके उपर एक पतली परत ( layer ) बन जाए | ठंडा होने के बाद मिश्रण में पैर डुबो कर 10 से 15 सेकंड तक छोड़ दें | इसी तरह कुछ देर तक करें जब तक की कई परत पैर पर बन नहीं जाती |
3. पैर को प्लास्टिक ( plastic ) से ढक कर 30 मिनट तक छोड़ दें | प्लास्टिक उतार दें और वैक्स को छिल (peeling off ) दें | हफ्ते में दो बार करें |

G. एप्सोम नमक ( Epsom salt ) से घरेलू उपचार

1. फूट टब (foot tub ) में गर्म पानी लें और आधा कप एप्सोम नमक मिला लें | 10 मिनट तक अपने पैर को इस मिश्रण में डुबो दें |
2. झावें (pumice stone ) से पैर को रगड़ कर फिर मिश्रण में डुबो दें |
3. पैर को सुखा लें और फूट क्रीम ( foot cream ) या पेट्रोलियम जेली ( petroleum jelly ) लगालें ताकि पैरों में मोइस्चर ( moisture ) बना रहे |
4. एक जोड़ी मोज़ा पैरों में पहने ताकि मोइस्चर उड़ने न पाए |

H. केले (Banana ) से एड़ियों का घरेलू उपचार

फटी या रुखी एड़ी के लिए सस्ता व घरेलू उपचार पका केला ( ripe banana ) है जिसमें मोइस्चर गुण होते है |
1. एक पका हुआ केला मसल (mashed ) कर पेस्ट ( paste ) बना लें | पैरों को अच्छी तरह धो लें और एड़ी पर केले का पेस्ट लगा लें |
2. 10 से 15 मिनट के लिये छोड़ दें ताकि आपके स्किन अच्छी तरह से सोख लें | गर्म पानी से पैरों को धो लें और उसके बाद 5 से 10 मिनट तक ठन्डे पानी में पैरों को डुबों दें |
3. कुछ हफ्ते तक रोज़ ऐसा करने से पैरों की एड़ियाँ मुलायम ( soft ) और चिकनी (smooth ) रहती हैं |

I. शहद (Honey) से करें फटी एड़ियों का उपचार

शहद में मोइस्चर ( moisture ) और एंटीबैक्टीरियल ( antibacterial ) गुण होते हैं जो फटी और रुखी एड़ियों के लिए अच्छा इलाज ( treatment ) है |
1. फूट टब ( foot tub ) में गर्म पानी लें और उसमे एक कप शहद ( honey ) मिला लें |
2. 15 से 20 मिनट तक पानी में पैरों को डुबो दें |
3. पैरों को धीरे धीरे स्क्रब करें |
4. फटी एड़ियों से आराम मिलने तक ये हफ्ते में रोज़ करें या कई बार करें |

J. पेट्रोलियम जेली (petroleum jelly) से करे फटी एड़ियों का घरेलु उपचार

पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करके रुखी ( dry ), खुरदुरी (rough) स्किन और फटी एड़ियों से बचा जा सकता है | पेट्रोलियम जेली पैरों को मुलायम और मोइस्चर बनाए रखती है | गर्म पानी में डुबोने के बाद कड़ी डेड स्किन को स्क्रब कर लें और पूरी एड़ी पर पेट्रोलियम जेली लगा लें | एक चम्मच नीबू का रस ( lemon juice ) भी पेट्रोलियम जेली में मिला कर लगा सकते हैं | पैरों में मोज़ा पहने ताकि पेट्रोलियम जेली स्किन में सुख जाए | सोने से पहले ऐसा रोज़ करें इससे अच्छा रिजल्ट मिलेगा |